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बड़ी खामोसी से बैठे हैं फूलो के धरौदे....जरा पूछ बतलाएंगे सारी गुस्ताखिया....!!!______ प्यासे गले में उतर आती....देख कैसे यादों की हिचकियाँ....!!!______ पलके उचका के हम भी सोते हैं ए राहुल....पर ख्वाब हैं की उन पर अटकते ही नहीं....!!!______ आईने में आइना तलाशने चला था मैं देख....कैसे पहुचता मंजिल तो दूसरी कायनात में मिलती....!!! धुप में धुएं की धुधली महक को महसूस करते हुए....जाने कितने काएनात में छान के लौट चूका हूँ मैं....!!!______बर्बादी का जखीरा पाले बैठी हैं मेरी जिंदगी....अब और कितना बर्बाद कर पाएगा तू बता मौला....!!!______ सितारे गर्दिशों में पनपे तो कुछ न होता दोस्त....कभी ये बात जाके अमावास के चाँद से पूछ लो....!!!______"

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मंगलवार, 29 अक्तूबर 2013

SMS बनाम लेटर


खत के जमाने
जाने लगे है....!!!
SMS दिलो पर
छाने लगे हैं....!!!

खोये भी कैसे
पुरानी यादों मे.....!!!
देख आजकल लोग
श्याही से ज्यादा
पैक भरवाने लगे हैं....!!!

पत्र रखे सन्दूक
बड़े अकड़े रहते....
अंदर उसे रखकर
ताले जकड़े रहते....!!

पुराने लिफाफे
लिवास बदलते....
कभी रहते सफ़ेद
कभी पीले पड़ते....!!

किसको फुर्सत भी
इन्हे याद रखने की....
आजकल लोग SMS से
इनबॉक्स भरवाने लगे हैं....!!!

©खामोशियाँ-२०१३

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