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बड़ी खामोसी से बैठे हैं फूलो के धरौदे....जरा पूछ बतलाएंगे सारी गुस्ताखिया....!!!______ प्यासे गले में उतर आती....देख कैसे यादों की हिचकियाँ....!!!______ पलके उचका के हम भी सोते हैं ए राहुल....पर ख्वाब हैं की उन पर अटकते ही नहीं....!!!______ आईने में आइना तलाशने चला था मैं देख....कैसे पहुचता मंजिल तो दूसरी कायनात में मिलती....!!! धुप में धुएं की धुधली महक को महसूस करते हुए....जाने कितने काएनात में छान के लौट चूका हूँ मैं....!!!______बर्बादी का जखीरा पाले बैठी हैं मेरी जिंदगी....अब और कितना बर्बाद कर पाएगा तू बता मौला....!!!______ सितारे गर्दिशों में पनपे तो कुछ न होता दोस्त....कभी ये बात जाके अमावास के चाँद से पूछ लो....!!!______"

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बुधवार, 28 नवंबर 2012

मरहम का वो इन्हेलर...!!!

दिल के दहलीज पर देख तो सही...
हर वक्त ही कोहरा जमा रहता...!!!

कितने यादों के छींके आ जाते जिन्हें...
बहानो के रुमाल से पोछ जाया करते...!!!

कभी कभी तो जाम कर जाते हर वो...
रास्ते दर्द के अब कहा से ला दे...

!!!...मरहम का वो इन्हेलर...!!!

शनिवार, 24 नवंबर 2012

एहसास...!!!

ठण्ड लग गयी और शायद हाँ छू गयी एक एहसास...किसी कि भीगी जुल्फों की...हाँ गुनाहगार हैं मेरी वो सब सीतलहरें...जिन्होंने टाफी खा के मुह लभेड रखा हैं उनके अक्स से...!!!
धूप उतरती कितने सैन्यारो को लांघते...
अजीब सी उलझन थामे रखती जेहन में...!!!

हलकी मुलायम गुदगुदाती हुई देख...
कभी गिर पड़ती एक जगमगाते कांचे पर...!!!

लोग भूल जाते उन्हें शायद..
तभी ग़लतफहमी में कांचे उठा लेते...!!!

अब्र तो खड़े कि कब बरस पड़े पर..
उससे पहले ओस समां धुधला कर देती...!!!

जाने कैसा लगता जहाँ क्या बताऊ...
कोई पतली शीशी में पानी भर रहा मानो...!!!

मंगलवार, 20 नवंबर 2012

चांदनी


वो मंजर भी कितने मुख़्तसर रहते ..
चांदनी उतरती झील में लोग ताकते रहते ..!!

मेरी सल्तनत भी अकेली रात में ठिठुरती ..
जब अँधेरे राज करते और उजाले झांकते रहते ..!!

गुरुवार, 15 नवंबर 2012

फिर अकेली दीवाली...!!!

बज रहे पटाखों की साज में भी ..
खिरोचते हैं ये तन्हाइयों के नाखून ..!!

रंग बिरंगे चद्दरों की राज में भी ..
तरासते हैं ये रंगोलियों के सकून ..!!

फफकते सम्मो की आवाज में भी ..
ढूंढते हैं परवानो के खून ..!!

चाचा स्पेशल...!!!

Who come forward to nab these situation but unfortunately everyone is still busy in their satire..!!!Wow..Youth Nation is busy in useless..!!!! 
सड़के चौराहे हैं बच्चो से लदे...
फटे पुराने थामे चिथ्थडों से सजे ..!!

कटोरी टूटी ... किस्मत फूटी
कौन कहता की वो हैं चाचा के सगे ..!!

सोमवार, 12 नवंबर 2012

टूटे दिए...!!!

एक शाम निकला लेने दिए...अब क्या बताऊ पड़ गयी नजर उन टूटे दीयों पर...पूछ बैठा कुम्हार साहब से इन दीयों को कोई ले ना गया क्या...अब क्या होगा इन दीयों का...!!!
क्या इनकी किस्मत में टूटना ही होता...!!!
दूर खड़े मुस्काते वो पुराने दिए...
दिखते कभी ना लोग जिन्हें लिए ...!!!

कुम्हार की पसीनो का इत्र लगाए ...
तड़पते रहते किसी परवाने लिए...!!!

कितनी दीवालियाँ गुजारी अपनी उम्र में ..
पर जल ना सके लोगों को जलाने लिए ..!!!

देखते जा अंजाम क्या उसका ..
अभी तो कोने में लेटे हैं वो टूटे दिए ..!!!

©खामोशियाँ 

बुधवार, 7 नवंबर 2012

जिंदगी की रसगोली...!!


बस एक नज़्म तलाशता अचानक घुस गया हूँ...
जिंदगी के जंगल में...!!!

दोनों हाथो से पकड़ के दाँतों से छीला हैं उसे...
अब अधर में हैं वो...!!!

गा सकता नहीं और शायद निगल भी सकता नहीं...
अब तो मुह में रख...!!!

किसी रसगोली की तरह चबा रहा हूँ कबसे...
आँखों की मिठास देख.. !!!

मन्नतें...!!!


कई मन्नतें आके चिपकी बैठी हैं गेसुयों से...
बार बार उसे उठाकर लगाते कानो के पीछे तक...!!!

पर इन जुल्मी हवाओं को कैसे समझाए...
उड़ा ले जाती यह सारी आयतों से लिपटी जुल्फे...!!!

अब बस इन्तेजार हैं एक अजब "आकृति" का...
जो आके आखों में बालों के भीगे-छीटें मार जाए...!!!

शुक्रवार, 2 नवंबर 2012

करवा चौथ स्पेशल...!!!

अर्शे से ना देखा वो भी एक बार झांक आया...कि चाँद फलक पर लटका हैं या नहीं...सही हैं एक प्यास के मारे उचक उचक के देखते ही रहे आज !!! 
धूल से धुधली पड़ी शाम की अलसाई किरने ... 
उसके इर्द गिर्द पहरा देते कुछ लफंगे अब्र ... !!! 

तन्हाई के दामन में चिपके हैं कुछ राज ... 
चलनी से देखे तो दिखेंगे वो जख्म चाँद के ... !! 

पर शायद आज न आ सकेंगे वो बूढ़े चाचा ... 
धुधिया लालटेन थामे चमकाने फलक को ... !!!